यदि आप भारत में संपत्ति रजिस्ट्री करवाना चाहते हैं तो आपको उसके लिए कई प्रकार के जरूरी डॉक्यूमेंट देने होंगे, तभी जाकर आप अपने जमीन का रजिस्ट्री करवा सकते हैं, ऐसे में आज के लेख में हम आपको बताएंगे की जमीन रजिस्ट्री करने के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी होते है? तो चलिये इसे आपको विस्तार से बताते है।
प्रमुख भूमि रजिस्ट्री दस्तावेज़
विक्रय पत्र (Sale Deed)
जमीन रजिस्ट्री करवाते समय ऐसे जरूरी डॉक्यूमेंट की सबसे ज्यादा जरूरत होती है इस डॉक्यूमेंट में सभी प्रकार की चीज जैसे जमीन की कीमत भौगोलिक विवरण दोनों पार्टी आपसी सहमति जैसी चीजों का विवरण होता है, यह जरूरी दस्तावेज़ सब-रजिस्ट्रार के कार्यालय में विधिवत पंजीकरण करवाया जाता है।
खाता प्रमाणपत्र (Khata Certificate)
इस सारे डॉक्यूमेंट को अगर आप लेना चाहते हैं तो आपको आसानी से नगर निगम या रजिस्टर विभाग के कार्यालय में जाना होगा। इस डॉक्यूमेंट में जमीन के मलिक का नाम और उसके अलावा जमीन पर कितना टैक्स है, उसकी स्थिति और बकाया राशि है तो उसका पूरा विचार आपको इसमें दर्ज होता है, तभी जाकर आप जमीन को अपने नाम पर करवा पाएंगे। इस डॉक्यूमेंट के बिना आप जमीन रजिस्ट्री नहीं करवा सकते हैं क्योंकि भविष्य में यदि आपको अपनी जमीन को गिरवी रखना है तो इस डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ती है जिसे जमीन का दस्तावेज कहा जाता है जिसका रजिस्टर द्वारा निर्धारित होता था।
भार प्रमाणपत्र (Encumbrance Certificate)
इस सारे डॉक्यूमेंट के माध्यम से आसानी से मालूम चल जाता है कि पिछले कई वर्षों में जमीन की फाइनेंसियल और कानूनी इतिहास क्या है, उसके बारे में जानकारी मिलती है इसके माध्यम से आप जान पाएंगे की संपत्ति को कभी गिरवी रखा गया था या नहीं या उसे पर कोई लोन लिया गया था और अगर कोई कानूनी विवाह चल रहा है तो इसके बारे में भी जानकारी आपको यहां से मिल जाएगी, यह प्रमाणपत्र संपत्ति की साफ़ शीर्षक (Clear Title) की पुष्टि करता है, तो आप सारे डॉकमेंट को साथ में रखें।